Road Rage – मुझ पर भी लानत थी, मैं निरुत्तर थी।

आक्रोश है , एक दबा सा झंझावात ,
एक असहाय सी दबी सी आह.……
और थोड़ा गुस्सा ,
खुद पर, तुम पर
इस पर, उस पर।
समय था ९:१० के करीब ,
और यह मंज़र था ,
ऑफिस की बिल्डिंग के
बाहिर।
Road Rage.
शायद किसी ने बहुत ही
under estimated सा नाम दिया है ,
लोगो के ,
या फिर कुछ वाहियात वहशी जानवरों के ,
बदमिजाज को ?
क्या उम्र रही होगी,
उस पतले से driver की ?
यह दो , उतावले जवान
बाावले ,
बस उस पर टूट पड़े ,
पहले दो थपेड़े फिर खिंच कर
उसे बाहर निकल लेते हैं ,
यह दो लोग।
खड़े हैं , गाड़ियों की कतार में आगे ,
पढ़े -लिखे कुछ लोग आगे।
नाह.……… सवाल ही नहीं उठता,
कोई यह पहला कदम उठाये ,
बीच बचाव करे ,
१०० को बुलाये।
मैं भी ,
उनमे से एक मूक दर्शक थी ,
मुझ पर भी लानत थी।
और प्रश्नो के आगे ,
मैं निरुत्तर थी।
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About Sumita Jetley

I had never thought that writing takes such a heart in me. I never had thought that I and it would be in each other but suddenly I as well know, life is never without it be, expressed and relished in its foremost quiet beauty.
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