The Flights of Sky , The Plights of Mine.

कई बार सोचती हूँ कि कहीं आकाश खुले और मुझे समेट ले

क्यों मैं ही मुस्कराहट फैलाती फिरूँ ?
मैं भी आंसूओं के झंझवात में चुप चाप सिमट सा जाना चाहती हूँ
कई बार खामोश आंसू बहाना चाहती हूँ , रो कर , भावनाओं में बह कर
पर तभी आकाश समेट लेता है अपनी बाहों में
मना सा लेता हैं , बहला सा देता है
मैं फिर से सिमट आती हूँ , उसकी बातों में
और जा कर फिर से खुद को जानें देती हूँ , उसकी बातों में
यही हैं शायद इसके और मेरे बीच में
एक अनकहा सा बेबाक विश्वास , एक प्रवाह
एक मौज , एक दूसरे की चाहत।
जो ले सा जाती है दूर तक , बहुत दूर तक।
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About Sumita Jetley

I had never thought that writing takes such a heart in me. I never had thought that I and it would be in each other but suddenly I as well know, life is never without it be, expressed and relished in its foremost quiet beauty.
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