जीवन सीमा

संभावित है कि जीवन सीमा किसी वादी , रूत के साथ समय व्यतीत करना चाहती हो ,
सोचती हूँ , किस तरह से इसका साथ निबाह करूँ ?
अजीब सी उह पोह हैं ,
बेहद उलझन , सर सा पकड़ लेती हूँ
खुद से , परेशान , और हैरान
खामोश , मेरे रास्ते। मेरी मंज़िलें
पर हम बैठ कर , एक साथ ज़िन्दगी की गुथियों  को खोल कर
बस देखते हैं।
खामोश और एक समझ दृष्टा की तरह।
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